छुईखदान ब्लॉक के घिरघोली ग्राम में सिद्ध बाबा मंदिर के सामने से गुजरने वाला स्टेट हाईवे इस समय लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि एक बड़ा खतरा बन गया है। सड़क के बीचों-बीच बना विशाल गड्ढा अब खुली मौत को दावत दे रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य आवागमन मार्ग है, जिस पर रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। लेकिन स्थिति यह है कि यह स्टेट हाईवे अब “सड़क” कम और “खतरे का रास्ता” ज्यादा बन चुका है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गड्ढे के कारण अब तक 2 से 3 छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोग घायल भी हुए हैं। इसके बावजूद न तो मरम्मत कार्य शुरू हुआ है, न ही किसी तरह की चेतावनी या सुरक्षा संकेत लगाए गए हैं।
शाम और रात के समय यह गड्ढा और भी खतरनाक हो जाता है। अंधेरे में दिखाई न देने के कारण तेज रफ्तार वाहन सीधे इसकी चपेट में आ जाते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। एक ओर सरकार सड़कों के विकास की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है।
लोगों का सवाल बेहद सीधा है—क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या आम जनता की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द इस गड्ढे की मरम्मत नहीं की गई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
