अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालिया ‘पीस टॉक’ विफल होने के बाद हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है।
IRGC नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी “दुश्मन” की गलत हरकत जानलेवा साबित हो सकती है। साथ ही, ईरानी बलों ने दावा किया कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर उनकी पूरी निगरानी और नियंत्रण है। चेतावनी के साथ ड्रोन निगरानी का फुटेज भी साझा किया गया।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हाल ही में दावा किया था कि उसके दो युद्धपोत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरे और खाड़ी क्षेत्र में बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान शुरू किया। हालांकि, ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक जहाज—यूएसएस माइकल मर्फी और यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन—को ईरानी नौसेना की चेतावनी के बाद पीछे हटना पड़ा। रिपोर्ट में इस कार्रवाई को अमेरिकी सेना का “असफल प्रचार स्टंट” बताया गया।
इसी बीच, IRGC ने एक अन्य बयान में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास आने वाले किसी भी सैन्य जहाज को, चाहे वह किसी भी बहाने से आए, संघर्ष विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि करीब एक महीने तक चले तनावपूर्ण संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के सीजफायर का ऐलान किया था, लेकिन इस समझौते की शर्तों पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
