नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी-2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने पेपर लीक विवाद के बाद नीट यूजी-2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद करीब 22 लाख छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
नीट पेपर लीक मामले के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 12 तारीख को सरकार को पेपर लीक की जानकारी मिली थी। इसके बाद यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई गलत उम्मीदवार चयनित न हो, जिम्मेदारी के साथ परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छात्रों के हितों और उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।
हालांकि शिक्षा मंत्री ने इस दौरान एनटीए का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने अब तक सैकड़ों राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित कराई हैं और यह संस्था सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने माना कि परीक्षा प्रणाली में कुछ कमियां सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार बड़े सुधार करने जा रही है।
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसके अलावा री-एग्जाम के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। पहले जमा की गई फीस वापस की जाएगी और नई परीक्षा निशुल्क होगी, ताकि विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने बताया कि परीक्षा के समय में भी बदलाव किया गया है। अब परीक्षा दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चलेगी। परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार किसी भी परीक्षा माफिया को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंपी गई है और एजेंसी पूरे मामले की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राधाकृष्णन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के बावजूद परीक्षा प्रणाली की कमान श्रृंखला में सेंध लगी है, जिसे अब पूरी तरह मजबूत किया जाएगा। सरकार को परीक्षा सुधार को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं, जिन पर तेजी से काम किया जा रहा है।
गौरतलब है कि नीट यूजी-2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद से देशभर के छात्र दोबारा परीक्षा की तारीख का इंतजार कर रहे थे।
एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर कहा कि भारत सरकार की स्वीकृति के बाद 21 जून 2026 को नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
