नई दिल्ली। पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विधेयक प्रस्तुत किया। इस दौरान विधेयक को पेश करने के लिए ध्वनिमत से मतदान कराया गया।
विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष ने “मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगें” के नारे लगाए और NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के मात्र पांच मिनट बाद ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।
इधर, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देने के बाद सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद परिसर में एनडीए सांसदों ने उनका शॉल और मिथिला पाग पहनाकर स्वागत किया तथा उन्हें संसद भवन के भीतर तक लेकर गए। उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था।
वहीं, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुबह करीब 10:30 बजे कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब और जवाबदेही की मांग की।
