रायपुर। क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक कोचिंग संचालक से 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपितों ने निवेश पर 25 से 30 प्रतिशत तक मासिक मुनाफा और निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित लाभ देने का झांसा दिया। शुरुआत में कुछ समय तक मुनाफा देकर आरोपितों ने शिक्षक का विश्वास जीता। इसके बाद उन्होंने बैंक ऋण और अन्य स्रोतों से रकम जुटाकर करोड़ों रुपए निवेश कर दिए।
मामले में आजाद चौक पुलिस ने नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
कोचिंग के विद्यार्थी के जरिए हुई थी पहचान
समता कालोनी निवासी पुष्कर जैन शिक्षक हैं और गोदावरी सेवा सदन में ‘प्राइम प्रोफेशनल क्लासेस’ नाम से कॉमर्स की कोचिंग चलाते थे। शिकायत के मुताबिक वर्ष 2020-21 में उनकी पहचान उनके विद्यार्थी नेहल अग्रवाल से हुई थी। नेहल ने बताया कि वह ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी ट्रेडिंग का कारोबार करता है।
आरोपितों ने दावा किया कि कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत तक मासिक लाभ होता है और उनके साथ पैसा लगाने वाले निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित मुनाफा दिया जाता है। नेहल ने यह भी बताया कि उसका खुद का करीब तीन करोड़ रुपए इस कारोबार में लगा हुआ है।
पहले मुनाफा दिया, फिर बढ़ती गई निवेश की रकम
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में आरोपितों ने कुछ समय तक शिक्षक को लाभ दिया। इससे उन्हें भरोसा हो गया कि वास्तव में क्रिप्टो ट्रेडिंग के कारोबार में पैसा लगाया जा रहा है और मुनाफा मिल रहा है। इसके बाद उन्होंने बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी।
22 अगस्त 2024 से 3 फरवरी 2026 के बीच आरोपितों के बैंक खातों में आरटीजीएस और ऑनलाइन माध्यम से कुल 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।
इन खातों में पहुंची रकम
शिकायत के मुताबिक ललित अग्रवाल के खाते में 22 अगस्त 2024 को 10 लाख, 5 सितंबर को 20 लाख और 6 सितंबर को 20 लाख रुपए भेजे गए। इसके बाद 21 सितंबर को 24 लाख, 18 अक्टूबर को 10 लाख, 6 दिसंबर को 11 लाख, 16 दिसंबर को 11 लाख और 10 जनवरी 2025 को 30 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए।
वहीं विवेक अग्रवाल के खाते में 28 अक्टूबर 2024 को 4 लाख रुपए और सीमा अग्रवाल के खाते में 3 फरवरी 2026 को 9.90 लाख रुपए जमा किए गए। इस तरह आरोपितों को कुल 1.54 करोड़ रुपए से अधिक की रकम दी गई।
मूल रकम मांगी तो बहाने बनाने लगे
जब शिक्षक ने अपनी मूल रकम वापस मांगी तो आरोपित टालमटोल करने लगे। शिकायत के अनुसार जनवरी 2025 में वह मोवा स्थित सीजी हाइट्स पहुंचे, जहां सीमा, संजय, ललित और विवेक अग्रवाल ने दो महीने के भीतर पूरी रकम लौटाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद नमित अग्रवाल ने व्यक्तिगत गारंटी देकर दोबारा पूंजी निवेश करने के लिए कहा।
शिकायतकर्ता के अनुसार 3 फरवरी 2026 को उन्होंने दोबारा 9.90 लाख रुपए दिए। इसके दो दिन बाद पांचों आरोपितों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए और रायपुर स्थित निवास छोड़कर फरार हो गए। आजाद चौक पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
