रायपुर। देश के प्रतिष्ठित मल्टी-स्पेशलिटी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल यशोदा हॉस्पिटल की सिकंदराबाद इकाई द्वारा रायपुर में उन्नत हृदय उपचार एवं हार्ट ट्रांसप्लांट सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञों और प्रबंधन ने आधुनिक हृदय चिकित्सा तकनीकों, रोबोटिक कार्डियक सर्जरी तथा मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के मरीजों को विश्वस्तरीय हृदय उपचार सेवाओं के प्रति जागरूक करना तथा गंभीर हृदय रोगों के समय पर उपचार के लिए प्रेरित करना था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अस्पताल समूह के असिस्टेंट मैनेजर – मार्केटिंग रवि प्रकाश साहू ने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स ने पिछले कई वर्षों में चिकित्सा क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के कारण राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल समूह अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों, अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों और मरीज-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों को सुरक्षित, भरोसेमंद और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
उन्होंने जानकारी दी कि अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर, उन्नत क्रिटिकल केयर यूनिट्स और विशेष कार्डियक केयर सुविधाएं उपलब्ध हैं। सिकंदराबाद इकाई को विशेष रूप से कार्डियक साइंसेज, हार्ट ट्रांसप्लांट और मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां देश के विभिन्न राज्यों से मरीज जटिल हृदय रोगों के उपचार के लिए पहुंचते हैं।
इस अवसर पर कंसल्टेंट कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. विशाल खंते ने बढ़ते हृदय रोगों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान, धूम्रपान, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं के कारण हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार नहीं होने पर ये बीमारियां जानलेवा साबित हो सकती हैं।
डॉ. खंते ने बताया कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट वाल्व रोग, हार्ट फेल्योर, जन्मजात हृदय रोग और अन्य जटिल हृदय समस्याओं के उपचार के लिए अब आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल्स में हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट, रोबोटिक कार्डियक सर्जरी, मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी और हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनसे मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों के उपयोग से सर्जरी के दौरान शरीर पर कम चीरा लगाया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है, रक्तस्राव कम होता है और संक्रमण का खतरा भी काफी कम हो जाता है। इसके अलावा मरीज कम समय में स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों के कारण अब जटिल हृदय सर्जरी भी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो चुकी हैं।
डॉ. विशाल खंते ने बताया कि उन्हें रोबोटिक कार्डियक सर्जरी, जटिल कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर प्रक्रियाओं तथा हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट में विशेष अनुभव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अस्पताल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपचार प्रोटोकॉल का पालन करता है तथा मरीजों को उन्नत क्रिटिकल केयर, रिहैबिलिटेशन और मल्टीडिसिप्लिनरी कार्डियक सपोर्ट उपलब्ध कराया जाता है, ताकि मरीजों को संपूर्ण और सुरक्षित उपचार मिल सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि हृदय रोगों के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर उपचार से गंभीर हृदय रोगों से बचाव संभव है।
कार्यक्रम के समापन पर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि यशोदा हॉस्पिटल सिकंदराबाद, हैदराबाद भविष्य में भी देशभर के मरीजों को उन्नत, सुलभ और नैतिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। रायपुर में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अस्पताल समूह ने छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के लोगों तक विश्वस्तरीय हृदय उपचार, हार्ट ट्रांसप्लांट और रोबोटिक कार्डियक सर्जरी सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
