रायपुर। रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से सिम कार्ड सक्रिय कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने वाले दो पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंटों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक मध्यप्रदेश के छतरपुर और दूसरा छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ का निवासी है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इन फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल यूट्यूब पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग और कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) में इनाम जीतने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने जैसे अपराधों में किया जा रहा था।
रायपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत साइबर थाना लगातार ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। पुलिस के अनुसार, पहला मामला गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति को फेसबुक पर दोस्ती के बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए जाल में फंसाया गया। आरोपियों ने उसका वीडियो मॉर्फ कर अश्लील क्लिप तैयार की और यूट्यूब पर वायरल करने की धमकी देकर उससे 7.90 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में इंदागांव थाने में अपराध दर्ज है।
वहीं दूसरा मामला रायपुर रेंज साइबर थाना का है, जहां पीड़ित को कौन बनेगा करोड़पति में इनाम जीतने का झांसा देकर टैक्स जमा कराने के नाम पर ठगी की गई। इस प्रकरण में भी साइबर थाना रायपुर में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, सिम कार्डों और सोशल मीडिया खातों की जानकारी सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त की। तकनीकी विश्लेषण, पीड़ितों एवं गवाहों के बयान तथा पूछताछ के आधार पर दो मोबाइल दुकान संचालकों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि नया सिम लेने या सिम पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों के बायोमेट्रिक डेटा, जैसे डबल थंब स्कैन या आई ब्लिंक का दुरुपयोग कर ई-केवाईसी के माध्यम से अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर दिए जाते थे। जिन ग्राहकों के पास आधार कार्ड की हार्ड कॉपी होती थी, उनके दस्तावेजों का उपयोग कर डी-केवाईसी के जरिए भी अतिरिक्त सिम जारी किए जाते थे। बाद में इन फर्जी सिम कार्डों को मोटी रकम लेकर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था, जिनका इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने में किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी
– उमेश प्रजापति (23), निवासी मनकारी, जिला छतरपुर (मध्यप्रदेश), संचालक – प्रजापति टेलीकॉम।
– मनोज देवांगन (29), निवासी प्रकाशपुर चिचोला, जिला खैरागढ़ (छत्तीसगढ़), संचालक – मनोज मोबाइल, मुढ़ीपार।
रायपुर रेंज पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सिम कार्ड लेते समय अपने दस्तावेजों और बायोमेट्रिक जानकारी का उपयोग केवल अधिकृत प्रक्रिया में ही होने दें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।
