दिल्ली में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन का विरोध प्रदर्शन जारी है। चुनाव आयोग के मुख्यालय ‘निर्वाचन सदन’ की ओर बढ़ रहे विपक्षी मार्च को नीति आयोग के दफ्तर के पास सुरक्षाबलों ने रोक लिया।
इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई बड़े नेताओं को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। इस बीच विपक्षी नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
राहुल-प्रियंका की गिरफ्तारी और रिहाई, धरने पर बैठे नेता
चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करने निकले विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को सुरक्षा कर्मियों ने कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई से पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन के गेट के पास धरने पर बैठ गए थे और विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को हाथों में तिरंगा थामे हुए बैरिकेड्स पर भी देखा गया।
वहीं, आरजेडी सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा नेतृत्व में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है और बंगाल तथा उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में भी गड़बड़ियां की गईं।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला और सपा का रुख
दिल्ली के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के सदस्य और कार्यकर्ता संघर्ष तथा मेहनत से कभी पीछे नहीं हटते।
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी घबराई हुई है, इसीलिए यहां भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगाए गए हैं। उन्होंने उपचुनावों में धांधली का आरोप दोहराते हुए विश्वास जताया कि ‘पीडीए’ (PDA) एकजुट होकर आगामी चुनावों में बीजेपी को करारी शिकस्त देगा।
मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह आंदोलन देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए आम जनता के हक छीने जा रहे हैं। खरगे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने तुरंत अपने पद नहीं छोड़े तो पूरे देश में एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नौ राज्यों की विधानसभाएं भंग हो सकती हैं, तो वर्तमान व्यवस्था पर भी सवाल उठने चाहिए।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े पहरे और मार्च का शेड्यूल
विपक्षी दलों के इस प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। संसद भवन के मकर द्वार पर सुबह से ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी सांसद एकजुट हुए।
तय कार्यक्रम के मुताबिक, विपक्षी सांसदों ने संसद से निर्वाचन सदन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की योजना बनाई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विजय चौक और निर्वाचन आयोग के रास्ते में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के साथ कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है।
