जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर केंद्रीय जेल में महज 10 दिनों के भीतर तीसरी मौत का मामला सामने आने से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, बंदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सजायाफ्ता बंदी सुधु कश्यप को अक्टूबर 2025 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1) के तहत सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। तबीयत बिगड़ने और रक्तचाप बढ़ने की शिकायत के बाद उसे 6 जून को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 7 जून को उसकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि इससे पहले 31 मई को केंद्रीय जेल में एक विचाराधीन महिला बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं, 4 जून को नक्सल प्रकरण में बंद विचाराधीन कैदी रमेश कुंजाम की बाथरूम में गिरने के बाद मौत हो गई थी।
लगातार सामने आ रही इन तीन मौतों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं कि इन घटनाओं के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही किस प्रकार तय की जाएगी।
