रायपुर। वक्ता मंच एवं जन एकता फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को अखिल भारतीय ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश के नवोदित तथा स्थापित कवियों ने देशभक्ति की भावनाओं से ओतप्रोत रचनाओं की प्रभावी प्रस्तुति दी।
वक्ता मंच द्वारा प्रादेशिक स्तर से आगे बढ़कर अखिल भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में यह पहला महत्वपूर्ण कदम बताया गया। आयोजकों ने आगामी दिनों में इन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने की बात कही।
कवि सम्मेलन में महाराष्ट्र के पुणे से डॉ. सुरेखा सिद्धि खरे, सावनेर से अमन रंगेला, मध्यप्रदेश के भोपाल से उमाशंकर दुबे ‘मनमौजी’, उत्तरप्रदेश के लखनऊ से कुलदीप सिंह चंदेल, छत्तीसगढ़ के रायपुर से आशा साहू एवं राजकुमार धर द्विवेदी तथा कोशीर से लक्ष्मी नारायण लहरे सहित कवियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने किया।
रायपुर की कवयित्री आशा साहू ‘आशा दीप’ ने देशभक्ति गीत “ऐ वतन मेरे वतन, तुझ पर दिल कुर्बान” की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर किया। उन्होंने अपनी दूसरी रचना “देश के वीर प्रहरी” के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों के त्याग और बलिदान को याद किया।
राजकुमार धर द्विवेदी ने अपनी माटी और मातृभूमि के प्रति समर्पण व्यक्त करते हुए रचना “अपनी माटी सोना-चांदी, हीरा, मोती, चंदन है” प्रस्तुत की। वहीं लक्ष्मी नारायण लहरे ने संघर्षपूर्ण जीवन और रोजगार की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की।
भोपाल के कवि उमाशंकर दुबे ‘मनमौजी’ ने अपनी ओजपूर्ण एवं हास्य-व्यंग्य मिश्रित शैली में “सेना में होऊँगा भर्ती, कर दूँगा दुश्मन को टाइट” जैसी पंक्तियों के माध्यम से देशभक्ति का उत्साह जगाया।
कवि सम्मेलन के दौरान वक्ता मंच के सचिव मनीष अवस्थी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम संयोजक शुभम साहू ने जन एकता फाउंडेशन एवं वक्ता मंच की ओर से सभी कवियों और सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई।
