रायपुर। सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा घोटाले में रायपुर, दुर्ग-भिलाई में छापेमारी की गई है। परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के रायपुर स्थित घर में कार्रवाई चल रही है। वहीं रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के भिलाई स्थित घर पर सुबह 6 बजे से जांच जारी है। बता दें कि जेके ध्रुव सीजी-पीएससी भर्ती घोटाले में भी आरोपी हैं और फिलहाल जेल में हैं। इस कार्रवाई को भारतमाला घोटाला मामले में उनके कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
वहीं राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलखो के भिलाई निवास पर भी जांच चल रही है। यहां डिप्टी कलेक्टर बने उनके बेटा-बेटी के चयन और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जानिए क्या है CGPSC घोटाला
यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।
इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।
टामन सिंह ने रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया
सीबीआई ने दलील दी कि, साल 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया।
जांच में सामने आया कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के तहत 45 लाख रुपए एक एनजीओ को दिए गए। जिसकी अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थीं। इसके बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए।
