नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार सुबह जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
कुरियन का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। उनके इस्तीफे को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का छह वर्षीय राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो चुका है, जिसे उनके इस्तीफे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। 65 वर्षीय कुरियन ने 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद उन्हें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व आगामी चुनावी रणनीति के तहत उन्हें नई संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंप सकता है। विशेष रूप से केरल में पार्टी के संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से उनकी भूमिका बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के एट्टुमानूर में हुआ था। उन्होंने कानून विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है। वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के शुरुआती दौर से ही वे पार्टी से जुड़े रहे हैं।
अपने राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन में कुरियन ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पूर्व केंद्रीय रेल राज्यमंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में भी कार्य किया था।
भाजपा में उनकी पहचान एक अनुभवी, संगठन-केंद्रित और जमीनी नेता के रूप में रही है। ऐसे में उनका इस्तीफा केंद्र सरकार और भाजपा संगठन में आने वाले संभावित बदलावों का संकेत माना जा रहा है।
