भारत सरकार एस-400 मिसाइलों के 5 नए स्क्वॉड्रन खरीदने की तैयारी कर रही है। इसके एक स्क्वॉड्रन में 8 लॉन्चर होते हैं और हर एक लॉन्चर में 4 मिसाइल कंटेनर होते हैं। इस हिसाब से करीब 32 बड़ी मिसाइलें मिलेंगी।
पिछले साल 7 से 10 मई के बीच चले ऑपरेशन सिंदूर में हमारे एयर डिफेंस सिस्टम की एस-400 मिसाइलों ने पाकिस्तान में 300 किलोमीटर अंदर घुसकर कहर बरपाया था, अब हमारे रक्षा बेड़े में उनकी तादाद बढ़ने जा रही है।
खरीदी की दिशा में रूस के साथ चर्चा में सकारात्मक प्रगति हुई है। वायु सेना के लिए 5 एस-400 का पहला सौदा 2018 में हुआ था। 3 सिस्टम्स मिल चुके हैं। रूस ने आश्वस्त किया है कि शेष दो सिस्टम और ऑपरेशन सिंदूर में खर्च हुई बैटरी की मिसाइलें भी अगले 6 माह में दे देंगे।
रूस के मुताबिक इसके बाद नए स्क्वॉड्रन आएंगे। इस तरह दोनों सौदे करीब एक लाख करोड़ रुपए के होंगे। डीआरडीओ एस-400 जैसी ही इंटरसेप्टर मिसाइलें बना रहा है। यह प्रोजेक्ट कुशा है। इसमें एम-1, 2 और 3 मिसाइलें बन रही हैं, जिनकी रेंज 105 से 350 किमी होगी।
