फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी भी अपने प्रतिद्वंदी जोमैटो की राह पर चला है और प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है. स्विगी ने प्रति ऑर्डर प्लेटफॉर्म फीस को 17.58 रुपये (GST सहित) कर दिया है. पहले यह फीस 14.99 रुपये थी. जोमैटो ने पिछले सप्ताह फीस 12.50 रुपये से बढ़ाकर 17.58 रुपये कर दी थी. प्लेटफॉर्म फीस एक निश्चित शुल्क होता है, जो हर फूड डिलीवरी ऑर्डर पर लगाया जाता है, चाहे ऑर्डर की कीमत कुछ भी हो. स्विगी ने इससे पहले पिछले साल अगस्त 2025 में प्लेटफॉर्म फीस को 12 से बढाकर 14 रुपये किया था.
प्लेटफॉर्म फीस फूड डिलीवरी बिल का एक छोटा लेकिन तेजी से बढ़ता हिस्सा बनती जा रही है. भले ही यह राशि एक बार में कम लगे, लेकिन नियमित यूजर्स को इससे काफी चपत लगती है. कंपनियां आमतौर पर इन शुल्कों को तकनीकी लागत, ऐप मेंटेनेंस और कुल संचालन खर्च को कवर करने के लिए जरूरी बताती हैं. फीस बढ़ाने का समय भी दिलचस्प है. फूड डिलीवरी सेक्टर में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है. जहां राइड-हेलिंग स्टार्टअप रेपिडो ने बेंगलुरु में अपनी सेवा ‘Ownly’ लॉन्च की है.
स्विगी का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 33% बढ़कर 1,065 करोड़ रहा था. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 799 करोड़ का घाटा हुआ था. कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में 54% की बढ़ोतरी हुई है. तीसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 6,148 करोड़ रुपए रहा. पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का राजस्व 3,993 करोड़ रहा था.
कंपनी का घाटा बढ़ने की मुख्य वजह उसके बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे हैं. ये खर्चे तीसरी तिमाही में 49% बढ़कर 7,298 करोड़ रुपये हो गए हैं. कंपनी विज्ञापन, नेटवर्क विस्तार और डिलीवरी पर काफी पैसा खर्च कर रही है, जिससे कमाई बढ़ने के बावजूद घाटे में है.