चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कथित फर्जी मतदान के मामले में चेन्नई पुलिस ने चार महिलाओं समेत 25 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर फर्जी तरीके से प्राप्त पहचान दस्तावेजों का उपयोग कर अवैध रूप से मतदान करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, आव्रजन अधिकारियों द्वारा ग्रेटर चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद केंद्रीय अपराध शाखा (CCB) और स्थानीय पुलिस इकाइयों ने 7 से 14 मई के बीच विभिन्न एफआईआर दर्ज की थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया गया।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 23 अप्रैल को हुए चुनाव के बाद जब ये लोग देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे, तब चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने इन्हें रोका। जांच में सामने आया कि विदेशी नागरिक होने और भारतीय नागरिकता नहीं रखने के बावजूद इन लोगों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में निवास कर कथित रूप से मतदान किया था।
जांच के दौरान आरोपियों की तर्जनी उंगलियों पर चुनावी स्याही के निशान पाए गए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि कुछ आरोपी देश से भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद चेन्नई, मदुरै और अन्य हवाई अड्डों पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
अधिकांश आरोपी श्रीलंकाई नागरिक
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में सबसे अधिक सात श्रीलंकाई नागरिक हैं। इसके अलावा कुछ आरोपी ब्रिटेन और कनाडा के पासपोर्ट धारक भी बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई अन्य विदेशी नागरिक भी भारत में मौजूद हो सकते हैं। जांच एजेंसियां उन लोगों का डेटा खंगाल रही हैं, जो मतदान से पहले भारत आए और अब तक वापस नहीं लौटे हैं।
चुनाव आयोग को भेजी गई रिपोर्ट
पूरे मामले की रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंप दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2025 में इमिग्रेशन अधिकारियों ने लगभग 100 विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने का अनुरोध किया था। जांच में पाया गया था कि कई विदेशी नागरिकों के पास मतदाता पहचान पत्र (EPIC) मौजूद थे और उन्होंने गलत पते के आधार पर मतदान का अधिकार हासिल कर लिया था। इस वर्ष भी करीब 60 विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
विपक्ष पहले भी लगा चुका है आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी दल लंबे समय से चुनावों में फर्जी वोटिंग और वोट चोरी के आरोप लगाते रहे हैं। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान भी राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
राहुल गांधी ने हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भी कथित वोट चोरी और फर्जी मतदान के आरोप लगाए थे। हालांकि चुनाव आयोग ने उनके दावों को निराधार बताते हुए केवल आरोप करार दिया था।
