देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। यात्रा मंगलवार और बुधवार को बंद रहेगी।
गढ़वाल मंडल के आयुक्त ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गए हैं। साथ ही मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
चारधाम यात्रा की शुरुआत सामान्यतः हरिद्वार या ऋषिकेश से होती है। इस धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालु यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन करते हैं। यह यात्रा हर वर्ष मई से नवंबर तक संचालित होती है, जबकि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण धामों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
सनातन धर्म में चारधाम यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस यात्रा को पूर्ण करने से श्रद्धालुओं को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है। हिमालय की पवित्र वादियों में स्थित इन धामों की यात्रा के लिए हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 15 घंटों के दौरान गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा तेज आंधी-तूफान की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलने की अपील की है।
गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2026 में चारधाम यात्रा के ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव की घोषणा की गई थी। इसके तहत पंजीकरण के लिए शुल्क लागू करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसके लिए गढ़वाल मंडल के अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था।
