रायपुर। तेलघानी नाका के करीब चार दशक पुराने जर्जर ओवरब्रिज को तोड़कर नया बनाया जाएगा, इसलिए 30 सितंबर से इस पर आवाजाही बंद हो जाएगी। इससे रोज गुजरने वाले करीब 35 हजार वाहनों का रास्ता बदलेगा। कार-बाइक नए ओवरब्रिज और रामनगर अंडरब्रिज से गुजरेंगी। इसका असर स्टेशन, रामनगर, गुढ़ियारी, कबीर नगर, अशोक नगर, कोटा और शिवानंद नगर आने-जाने वालों पर पड़ेगा।
पीक आवर में वैकल्पिक रास्तों और आसपास की लिंक सड़कों पर दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बन सकती है। खासकर स्टेशन जाने वालों को ट्रेन पकड़ने के लिए पहले निकलना पड़ेगा। पुराने ब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही पहले से बंद है। पीडब्ल्यूडी ने 30 सितंबर से इसे पूरी तरह बंद करने के लिए यातायात विभाग से मंजूरी ले ली है। नए ओवरब्रिज के लिए शासन से बजट मंजूर हो चुका है।
ब्रिज का हिस्सा रेलवे और पीडब्ल्यूडी के क्षेत्र में होने के कारण दोनों विभाग संयुक्त सर्वे कर चुके हैं। अब रेलवे अपने हिस्से की ड्राइंग पीडब्ल्यूडी को देगा। दोनों ड्राइंग कंपाइल कर शासन को भेजी जाएंगी। स्वीकृति के बाद निर्माण शुरू होगा। पीडब्ल्यूडी चार साल से इसकी तैयारी कर रहा था, लेकिन बजट नहीं मिलने से काम अटका था।
जर्जर घोषित, लोहे के सपोर्ट लगाकर चलाया
रेलवे ने इस ओवरब्रिज को करीब चार साल पहले ही जर्जर घोषित कर उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं बताया था। इसके बाद अपने हिस्से के पिलरों की मरम्मत की और अतिरिक्त भार व दबाव कम करने के लिए लोहे के सपोर्ट लगाए। भारी वाहनों पर भी रोक लगा दी गई। इसके बावजूद कार और बाइक की आवाजाही जारी थी।
1 अक्टूबर से इस रूट से कर सकेंगे आना-जाना
पुराना ओवरब्रिज बंद होने के बाद कार-बाइक का ट्रैफिक नए ओवरब्रिज और रामनगर अंडरब्रिज की ओर डायवर्ट होगा। आसपास की लिंक सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ेगा। खासकर स्टेशन, रामसागरपारा से गुढ़ियारी, कबीर नगर, अशोक नगर, कोटा और शिवानंद नगर आने-जाने वालों पर असर पड़ेगा।
डिस्मेंटल करने बंद करेंगे ओवरब्रिज
रेलवे क्रॉसिंग स्थित पुराना तेलघानी नाका ओवरब्रिज जर्जर होने के कारण महीने के अंत में बंद किया जाएगा। यातायात विभाग से अनुमति मिल गई है। इसके बाद पुराने ब्रिज को डिस्मेंटल किया जाएगा। नया ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजेंगे। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण शुरू होगा। -विग्नेश कुमार, ईई, ब्रिज, रायपुर
