नई दिल्ली। जून महीने की शुरुआत के साथ आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और वित्तीय योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इनका असर डिजिटल भुगतान, टैक्स भुगतान, वाहन खरीदारी, सोलर ऊर्जा परियोजनाओं और ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसे में 1 जून से पहले इन बदलावों की जानकारी होना जरूरी है।
UPI ट्रांजैक्शन में बड़ा बदलाव
1 जून से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए पैसे भेजने वाले उपयोगकर्ताओं को एक नई सुविधा मिलेगी। अब किसी व्यक्ति को UPI से भुगतान करने से पहले उसकी बैंक में दर्ज वास्तविक नाम (Bank Registered Name) स्क्रीन पर दिखाई देगा। यह कदम धोखाधड़ी और गलत खाते में पैसे भेजने की घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
15 जून तक जमा करनी होगी एडवांस टैक्स की पहली किस्त
करदाताओं के लिए 15 जून महत्वपूर्ण तारीख होगी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। जिन करदाताओं की अनुमानित कर देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें कुल एडवांस टैक्स का 15 प्रतिशत इस तिथि तक जमा करना होगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है।
मारुति सुजुकी और हुंडई की कारें होंगी महंगी
वाहन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को जून से अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडलों की कीमतों में 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, बढ़ती इनपुट लागत और महंगाई इसके प्रमुख कारण हैं।
वहीं, हुंडई मोटर इंडिया ने भी अपने पूरे पोर्टफोलियो की कीमतों में 12,800 रुपये तक की वृद्धि करने का फैसला किया है। कंपनी ने कच्चे माल, कमोडिटी और परिचालन लागत में बढ़ोतरी को इसका कारण बताया है।
1 जून से बदलेंगे सोलर पैनल के नियम
सोलर ऊर्जा क्षेत्र में भी 1 जून 2026 से नए नियम लागू होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं, सब्सिडी आधारित सोलर परियोजनाओं और नेट-मीटरिंग सिस्टम में केवल उन्हीं सोलर पैनल और सोलर सेल का उपयोग किया जा सकेगा, जो सरकार की स्वीकृत सूची (ALMM) में शामिल हैं।
नए नियमों के तहत 1 जून 2026 के बाद सरकारी योजनाओं में केवल ALMM सूचीबद्ध कंपनियों के सोलर पैनल और सेल ही लगाए जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
ईंधन की कीमतों में भी हो सकता है बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों की समीक्षा की जाती है। ऐसे में 1 जून को तेल विपणन कंपनियां नई कीमतों की घोषणा कर सकती हैं। इससे उपभोक्ताओं को ईंधन और रसोई गैस के दामों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर
जून की शुरुआत के साथ लागू होने वाले ये बदलाव सीधे तौर पर आम नागरिकों, करदाताओं, वाहन खरीदारों और सोलर ऊर्जा उपभोक्ताओं को प्रभावित करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इन बदलावों की जानकारी रखने से लोग अपनी वित्तीय और घरेलू योजनाओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकेंगे।
