कोलकाता। पश्चिम बंगाल में रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने रेजीनगर से शाश्वर सरकार और नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। हसीरानी रथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह 42 वर्ष के थे। यह घटना बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तीन दिन बाद हुई थी।
नंदीग्राम में TMC के दोनों गुट आमने-सामने
उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दोनों गुट भी अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं। रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया है।
दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए पार्टी के ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है।
अगर उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग इस विवाद पर फैसला नहीं करता है, तो पार्टी का मौजूदा चुनाव चिह्न अस्थायी रूप से फ्रीज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव मैदान में उतरना पड़ सकता है।
नंदीग्राम में लगातार दूसरी बार भाजपा की जीत
नंदीग्राम लंबे समय से TMC और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 2007 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC की राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद 2011 में TMC ने राज्य की सत्ता हासिल की।
2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की।
भवानीपुर में अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। शुभेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले थे। बाद में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हो गई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
