गुरूर। नगर पंचायत गुरूर में भवन निर्माण अनुमति के नाम पर कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक-1 निवासी मनहरण सिन्हा ने आरोप लगाया है कि मकान निर्माण की अनुमति के लिए उनसे 1 लाख 70 हजार रुपये लिए गए, लेकिन इसके बदले उन्हें केवल 42 हजार 613 रुपये की रसीद दी गई। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
मनहरण सिन्हा के अनुसार, भवन अनुमति के लिए नगर पंचायत कार्यालय में संपर्क करने पर इंजीनियर और बाबू द्वारा कथित रूप से 3 लाख 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। बातचीत के बाद यह राशि 1 लाख 70 हजार रुपये में तय हुई। आरोप है कि यह रकम नगर पंचायत के कर्मचारी खिलू साहू को दी गई। इसके बाद लंबे समय तक रसीद के लिए उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
पीड़ित का कहना है कि जब रसीद मिली तो उसमें जमा राशि केवल 42 हजार 613 रुपये दर्ज थी। उन्होंने सवाल उठाया है कि शेष राशि का हिसाब कहां है और इसकी जांच होनी चाहिए।
कर्मचारियों ने आरोपों से किया इनकार
मामले में नगर पंचायत के बाबू खिलू साहू ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनसे कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि रसीद तैयार कर दी गई थी, लेकिन आवेदक उसे लेने नहीं आया। उन्होंने 1 लाख 70 हजार रुपये के लेन-देन की बात को गलत बताया।
वहीं नगर पंचायत सीएमओ श्रीनिवास पटेल ने भी मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग की गई है तो इसकी शिकायत की जानी चाहिए। शिकायत मिलने पर जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इंजीनियर से संपर्क नहीं हो सका
इस मामले में नगर पंचायत इंजीनियर से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि भवन अनुमति, नगर विकास सहित अन्य कार्यों में कथित रूप से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जांच की मांग
मामले को लेकर नागरिकों ने जिला प्रशासन से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
