रायपुर में समय पर सिलेंडर नहीं देने वाली एजेंसियों पर अब सख्ती शुरू कर दी गई है। एलपीजी सिलेंडर के संकट में पहली बार किसी गैस एजेंसी को निलंबित किया गया है। ग्राहकों के साथ लगातार बदतमीजी, सिलेंडरों की डिलिवरी 25 दिन के बजाय 35 दिनों में भी नहीं करने और सिलेंडर के लिए अतिरिक्त रकम मांगने की वजह से फाफाडीह चौक के पास स्थित रायपुर गैस एजेंसी को निलंबित कर दिया गया है। इस एजेंसी के करीब 12 हजार ग्राहकों को राजेंद्र एचपी और शांति एचपी एजेंसी में शिफ्ट किया गया है। रायपुर गैस एजेंसी के ग्राहक इन दोनों गैस एजेंसियों से सिलेंडर ले सकते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एजेंसी के बाहर रोजाना स्टॉक खत्म होने का बोर्ड लगा दिया जा रहा था। लोग सुबह से एजेंसी के बाहर सिलेंडर के लिए लाइन लगाते थे, लेकिन कई घंटों के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिलता था। इतना ही नहीं एजेंसी संचालक बार-बार ग्राहकों के साथ बदतमीजी भी करता था। इस वजह से कई बार लोगों ने कई बार एजेंसी में हंगामा भी किया था। लगातार विवाद और शिकायतों के बाद एचपी कंपनी के अफसरों ने एजेंसी को निलंबित कर दिया है। एजेंसी के 12 हजार उपभोक्ताओं में 11 हजार को राजेंद्र एचपी और एक हजार को शांति एचपी में मर्ज किया गया है।
शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई
जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा कि, रायपुर गैस एजेंसी के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही थी। इस वजह से कंपनी ने एजेंसी को निलंबित कर दिया है। मर्ज किए हुए लोगों के लिए दोनों एजेंसियों की ओर से वितरण केंद्र खोला गया है। सिलेंडर देने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसमें कोई परेशानी आ रही है तो उसे भी दूर किया जाएगा।
