तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा इकाई ने रविवार को ईरानी हवाई सीमा में घुसे एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया। यह जानकारी ईरानी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency ने दी।
IRGC के अनुसार, ड्रोन को एयर डिफेंस और निगरानी प्रणालियों ने सीमा में प्रवेश करते ही पहचान लिया था। इसके बाद उन्नत मिसाइल प्रणाली की मदद से उसे निशाना बनाकर गिरा दिया गया। ईरान का दावा है कि ड्रोन अमेरिकी सेना का था और वह “दुश्मनी भरे ऑपरेशन” के इरादे से उसकी हवाई सीमा में दाखिल हुआ था। हालांकि, इस दावे पर अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें ईरान के साथ किसी समझौते को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका धीरे-धीरे अपनी शर्तों को मनवाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा, “हम एक बेहतरीन डील करेंगे और यदि ऐसा नहीं हुआ तो हमारे पास सैन्य विकल्प भी मौजूद हैं।”
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने पर सहमत हो गया है। उनके अनुसार, “पहले ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमति जताई। इसके बाद मैंने उनसे पूछा कि क्या वे इसे खरीदेंगे, तो उन्होंने इस पर भी सहमति दी कि वे न तो परमाणु हथियार बनाएंगे और न ही खरीदेंगे।”
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही कूटनीतिक गतिविधियों के बीच यह घटनाक्रम दोनों देशों के संबंधों में नई चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने के ईरानी दावे और ट्रम्प के ताजा बयान से क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु वार्ताओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
