अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर बड़े सुरक्षा खतरे के केंद्र में आ गए हैं। ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया संगठन ने ट्रंप की हत्या करने वाले को 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) का इनाम देने की घोषणा कर सनसनी फैला दी है। संगठन ने दावा किया है कि यह ऐलान वर्ष 2020 में बगदाद एयरपोर्ट के पास हुए अमेरिकी ड्रोन हमले का बदला लेने के लिए किया गया है, जिसमें ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशिया नेता अबू महदी अल-मुहंदिस मारे गए थे।
17 जुलाई को जारी बयान में मिलिशिया संगठन ने कहा कि “जिसने इराकियों का खून बहाया और उन्हें बेघर किया, उसे कभी चैन से जीने नहीं देंगे। अपराधी ट्रंप के सिर पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया जाता है।”
2020 के ड्रोन हमले से जुड़ी है दुश्मनी
3 जनवरी 2020 को बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महदी अल-मुहंदिस की मौत हो गई थी। उस समय राष्ट्रपति रहे डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया था। तभी से ईरान समर्थित संगठन ट्रंप को इस कार्रवाई का मुख्य जिम्मेदार मानते रहे हैं।
व्हाइट हाउस में बयान के बाद बढ़ा विवाद
रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस में इराकी प्रधानमंत्री के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने 2020 के ड्रोन हमले का जिक्र करते हुए अपने फैसले का बचाव किया था। माना जा रहा है कि इसी बयान के बाद ईरान समर्थित समूहों ने एक बार फिर ट्रंप के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए इनामी घोषणा की है।
सुलेमानी को माना जाता था ईरान का सबसे ताकतवर सैन्य चेहरा
जनरल कासिम सुलेमानी को ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद देश का सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली सैन्य चेहरा माना जाता था। उनकी मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों में भारी तनाव देखने को मिला था, जिसका असर आज भी क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा हालात पर दिखाई देता है।
हालांकि, ट्रंप की हत्या पर इनाम घोषित किए जाने की इस धमकी को लेकर अमेरिकी प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
