ईरान से बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान रवाना हो गए हैं। बीबीसी की एक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की गई है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में कहा था कि वेंस पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं।
वेंस ने 11-12 अप्रैल को ईरान से बातचीत में अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व किया था। बातचीत करीब 21 घंटे चली थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया था। दोनों देशों के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल को लेकर मतभेद हैं।
अमेरिका और ईरान के तनाव बढ़ने की वजह ट्रम्प की ईरान को धमकी और ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को कब्जे में लेना है। इसे लेकर ईरान नाराजगी जताई और इसे समुद्री डकैती करार दिया और कहा कि वे जल्द इसका जवाब देंगे।
अमेरिका-ईरान की बातचीत पर सस्पेंस
होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच दूसरी दौर की बातचीत होगी या नहीं, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। ईरान ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी सीजफायर के समझौते का उल्लंघन है और अमेरिका की धमकी भरी भाषा से हालात और खराब हो रहे हैं। इन परिस्थितियों में बातचीत की उम्मीद बहुत कम है।
वही अल जजीरा की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले बताया गया है कि बातचीत एक नहीं बल्कि कई दिनों तक चल सकती है। कोशिश यह है कि एक अस्थायी समझौता यानी MoU साइन हो जाए, जिससे सीजफायर आगे बढ़ सके और करीब 60 दिन का समय मिल जाए ताकि बड़ा शांति समझौता तैयार किया जा सके। लेकिन यह सब तभी संभव है जब ईरान इसमें हिस्सा ले।
