US-Iran peace deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते का स्वागत किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने इस घटनाक्रम को पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी
पीएम मोदी ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष ने दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान उत्पन्न किए थे और कई देशों में जान-माल का नुकसान भी हुआ था। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई है कि यह समझौता न केवल क्षेत्र में शांति बहाल करेगा, बल्कि नौवहन (navigation) और वाणिज्य (commerce) की स्वतंत्रता को भी सुनिश्चित करेगा।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस समझौते के क्रियान्वयन से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि भारत उन शेष मुद्दों पर विचार-विमर्श की प्रतीक्षा कर रहा है जो एक संवहनीय (sustainable) अंतिम समझौते तक पहुंचने में मदद करेंगे।
तीन महीने बाद खत्म हुआ संघर्ष
28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनई की मृत्यु हो गई थी, अब तीन महीने बाद समाप्त होने की राह पर है. वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस शांति प्रस्ताव पर सहमति बनी है, जिसे 19 जून को जिनेवा में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाना है.
बाजार और कच्चे तेल पर असर
इस शांति समझौते की खबर का असर भारतीय बाजार पर तुरंत देखने को मिला है। कच्चे तेल की बात करें तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 3.45 डॉलर गिरकर 83.89 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। शेयर बाजार में भी इसका सकारात्मक असर दिखा है, जहाँ सेंसेक्स 1,100 से अधिक अंकों की उछाल के साथ 76,648.74 पर खुला, जबकि निफ्टी 335.55 अंक की बढ़त के साथ 23,956.40 पर पहुंच गया। इसके साथ ही, भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 58 पैसे मजबूत हुआ है।
