रायपुर। धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के सिलयारी चौकी अंतर्गत एक नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में कथित ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के आरोप में कांग्रेस नेता सूरज सिंह ठाकुर एवं उसके सहयोगी मोहम्मद उस्मान सैफी की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस मामले को लेकर भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि राजनीति का अपराधीकरण और अपराधियों का कांग्रेसीकरण आज कांग्रेस की पहचान बन चुका है।
शर्मा ने कहा कि जिस समय पूरा प्रदेश नाबालिग बालिका के साथ हुए जघन्य अपराध से स्तब्ध और आक्रोशित था, उस समय कुछ प्रभावशाली लोग इस संवेदनशील मामले को कथित रूप से ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का माध्यम बनाने में जुटे हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकरण ने कांग्रेस के चाल, चरित्र और चेहरे को एक बार फिर जनता के सामने उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस नेताओं की हताशा इस स्तर तक पहुंच गई है कि वे समाज को शर्मसार करने वाले कृत्यों में भी संलिप्त होने से नहीं हिचक रहे हैं। भाजपा विधायक ने सवाल उठाया कि यदि मामले में कांग्रेस से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई है तो प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर का कांग्रेस नेतृत्व इस पर मौन क्यों है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता के सामने इस विषय पर अपना स्पष्ट पक्ष रखना चाहिए।
थाने के घेराव को बताया अपराधियों के समर्थन का प्रयास
भाजपा विधायक ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरसींवा थाने के घेराव और पुलिस कार्रवाई के विरोध की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। ऐसे में आरोपियों के समर्थन में प्रदर्शन करना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि जब भी किसी कांग्रेसी नेता या पदाधिकारी का नाम किसी आपराधिक मामले में सामने आता है, तब कांग्रेस उसे राजनीतिक प्रतिशोध का नाम देकर बचाव की कोशिश करती है। यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के लिए उचित नहीं है।
शर्मा ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के कथित नेटवर्क से जुड़े सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
कोण्डागाँव ठगी प्रकरण पर भी कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने कोण्डागाँव जिले में पटवारी की नौकरी दिलाने के नाम पर 6.50 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में कांग्रेस जिला महामंत्री रितेश पटेल की गिरफ्तारी को लेकर भी कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह घटना कोई अपवाद नहीं बल्कि कांग्रेस की कार्यप्रणाली का प्रतिबिंब है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया और रोजगार के नाम पर भ्रष्टाचार को संरक्षण मिला। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों का लाभ उठाकर उनसे धन उगाही करने वाले लोगों को कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रहीं, जिससे पार्टी की कार्यसंस्कृति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस युवाओं के हितों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके पदाधिकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रूप से ठगी के मामलों में गिरफ्तार हो रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस के कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब
भाजपा विधायक ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मांग की कि वह इन मामलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि क्या ऐसे आरोपों में गिरफ्तार पदाधिकारियों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर ऐसे मामलों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
शर्मा ने कहा कि भाजपा कानून के शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की पक्षधर है तथा किसी भी प्रकार के अपराध, भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का समर्थन करती है।
