तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को रेप मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने गोवा की ट्रायल कोर्ट द्वारा मई 2021 में सुनाए गए बरी किए जाने के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(f), 376(2)(k), 354A और 354B के तहत दोषी माना। सजा का ऐलान दोपहर 2:30 बजे किया जाना है।
फैसला जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जामदार की खंडपीठ ने सुनाया। मामले में तीन दिनों तक अंतिम सुनवाई के बाद 30 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। निर्णय सुनाए जाने के दौरान तरुण तेजपाल अदालत में मौजूद रहे।
सजा पर सुनवाई के दौरान तेजपाल ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह 62 वर्ष के हैं, उनकी पत्नी हैं और वह स्वयं को भी इस मामले में पीड़ित मानते हैं। हालांकि अदालत ने उनकी इस अपील को स्वीकार नहीं किया।
यह मामला नवंबर 2013 का है। तहलका की एक महिला सहयोगी ने आरोप लगाया था कि गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। ईमेल के सार्वजनिक होने के बाद मामला सामने आया, जिसके बाद तेजपाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 30 नवंबर 2013 को उनकी गिरफ्तारी हुई, जुलाई 2014 में उन्हें जमानत मिली और वर्ष 2017 में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई। मई 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
तरुण तेजपाल देश के चर्चित पत्रकार, लेखक और उपन्यासकार रहे हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 1980 में द इंडियन एक्सप्रेस समूह से की। इसके बाद इंडिया टुडे, फाइनेंशियल एक्सप्रेस और आउटलुक जैसी संस्थाओं में कार्य किया। वर्ष 2000 में उन्होंने पत्रकार अनिरुद्ध बहल के साथ मिलकर खोजी पत्रकारिता की वेबसाइट ‘तहलका डॉट कॉम’ की स्थापना की, जो बाद में एक प्रमुख समाचार प्रकाशन के रूप में विकसित हुई।
