मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अपनी बीमारी को लेकर बड़ा दावा किया है। राउत ने कहा कि जेल में रहने के दौरान ही उनके शरीर में कैंसर की बीमारी शुरू हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें टॉक्सिसिटी टेस्ट कराने की सलाह दी थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल में रहने के दौरान उनके खाने में किसी तरह का जहरीला पदार्थ तो नहीं मिलाया गया था।
संजय राउत ने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार इतनी क्रूर है कि वह कुछ भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि जेल में रह चुके अन्य राजनीतिक नेताओं की स्थिति भी ठीक नहीं है और कई नेताओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है।हालांकि, राउत के खाने में जहर मिलाए जाने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पत्रा चॉल मामले में 101 दिन जेल में रहे राउत
संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 1 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी मुंबई के गोरेगांव स्थित पत्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई थी।गिरफ्तारी के बाद राउत को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया था। वह करीब 101 दिन तक जेल में रहे। इसके बाद 9 नवंबर 2022 को PMLA कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया।ED ने राउत पर पत्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अनियमितताओं में भूमिका का आरोप लगाया था। वहीं, राउत ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया और अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था।
नवंबर 2025 में चला कैंसर का पता
संजय राउत के मुताबिक, उन्हें पेट के कैंसर की जानकारी नवंबर 2025 में दिवाली से करीब दो से चार दिन पहले मिली थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई सुनील राउत ने स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए ब्लड टेस्ट कराया था। जांच के बाद उन्हें कैंसर होने की पुष्टि हुई।राउत का कहना है कि बीमारी की शुरुआत जेल में रहने के दौरान ही हुई थी। इसी संदर्भ में राहुल गांधी ने उन्हें टॉक्सिसिटी टेस्ट कराने की सलाह दी थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उनके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ का असर तो नहीं हुआ।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राउत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार राजनीतिक विरोधियों के साथ बेहद कठोर रवैया अपना रही है। उन्होंने दावा किया कि जेल में रह चुके कई अन्य राजनीतिक नेताओं की सेहत पर भी इसका असर पड़ा है।राउत के इन आरोपों ने एक बार फिर 2022 में उनकी गिरफ्तारी और जेल में बिताए समय को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य संबंधी दावों और खाने में कथित तौर पर जहर मिलाए जाने की बात पर संबंधित एजेंसियों या अन्य स्वतंत्र स्रोतों की ओर से पुष्टि सामने नहीं आई है।
