रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियों में फिलहाल थोड़ी कमी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के साथ ही बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। हालांकि अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। इसके बाद प्रदेश में एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने और बारिश का दौर बढ़ने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अब तक राज्य में सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है।
बिलासपुर में बारिश से निचली बस्तियों में जलभराव
बिलासपुर में सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। खासकर निचली बस्तियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण अरपा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति सामने आई थी। इसे देखते हुए प्रशासन की टीम प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
रायपुर में छाए रहेंगे बादल, 32 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
राजधानी रायपुर में मंगलवार, 11 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
इससे पहले सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।
धमतरी के नरहरा वाटरफॉल में टला बड़ा हादसा
धमतरी जिले के प्रसिद्ध नरहरा वाटरफॉल में रविवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। झरने में नहाने के दौरान दो युवक अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए और बहने लगे।
बताया गया कि दोनों युवक पानी के तेज बहाव में करीब 50 फीट तक बह गए। हालांकि वाटरफॉल में लगी रेलिंग उनके लिए सहारा बन गई। दोनों युवकों ने रेलिंग की मदद से खुद को संभाले रखा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
