रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार ने यूसीसी के प्रारूप को अंतिम रूप देने से पहले आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं 30 सितंबर 2026 तक अपने सुझाव भेज सकेंगे। सरकार की योजना आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यूसीसी विधेयक प्रस्तुत करने की है।
यूसीसी के मसौदे को तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति की पहली बैठक हो चुकी है और उसने राज्य में लागू विभिन्न व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कानूनों की समीक्षा शुरू कर दी है।
समिति वर्तमान में लागू पारिवारिक विधिक व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी और नागरिकों, विधि विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों तथा अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी का प्रारूप तैयार करेगी। साथ ही अन्य राज्यों में लागू समान नागरिक संहिता की व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ के लिए व्यवहारिक और व्यापक मसौदा तैयार किया जा सके।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शासकीय और गैर-शासकीय संगठन, सामाजिक समूह, समुदाय तथा आम नागरिक इस प्रक्रिया में भाग लेकर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार मसौदे को पहले मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।
