Telegram Delhi High Court petition: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम (Telegram) पर लगाए गए अस्थायी बैन का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले को जस्टिस तेजस करिया की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए रखा गया है।
सरकार ने क्यों लगाया है बैन?
NEET UG पेपर लीक विवाद के बाद सरकार और जाँच एजेंसियां परीक्षा की शुचिता को लेकर बेहद सख्त हैं। हाल ही में पेपर लीक मामले की जाँच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले ही प्रश्न-पत्रों को PDF फॉर्मेट में टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए लीक किया गया था। इसी को देखते हुए, री-टेस्ट के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक या अनधिकृत सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया था।
टेलीग्राम की दलील और कानूनी लड़ाई
टेलीग्राम ने अपनी याचिका में सरकार के इस कदम को चुनौती दी है और अदालत से राहत की मांग की है। कंपनी का पक्ष है कि प्लेटफॉर्म को पूरी तरह ब्लॉक करना समाधान नहीं है। वहीं, सरकारी अधिकारी इसे एक एहतियाती कदम मान रहे हैं ताकि री-टेस्ट के दौरान परीक्षा की अखंडता सुनिश्चित की जा सके। यह मामला अब कोर्ट के विचाराधीन है और आज इस पर सुनवाई होने की संभावना है।
