रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया तो आने वाले समय में कांग्रेस सत्ता में लौटकर व्यवस्था को सुधारेगी। इस दौरान पूर्व मंत्री शिव कुमार डहरिया, श्री कुमार मेनन, पंकज शर्मा, आकाश शर्मा, पप्पू बंजारे सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. महंत ने विधानसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर भी कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव इतना “लचर” था, तो उस पर जवाब देने में 10-10 घंटे क्यों लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पूरे जवाब के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के बजाय केवल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार की आलोचना करने में समय बिताया।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार के मंत्रियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी “दुकानदारी” बंद कर जनता के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद कुछ मंत्री धान, कोयला, शराब और रेत जैसे क्षेत्रों में अनियमितताओं को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि कौन क्या कर रहा है और समय आने पर जनता इसका जवाब देगी।
प्रेस वार्ता का मुख्य विषय राष्ट्रीय स्तर पर NEET परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक का मुद्दा रहा। डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशभर के छात्रों की आवाज बनकर इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है तथा राहुल गांधी उसी पीड़ा को देश के सामने रखने के लिए अभियान चला रहे हैं।
डॉ. महंत ने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद से देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सत्ता के संरक्षण में पनप रही गंभीर समस्या बताया। उनके अनुसार लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने कहा कि देश में लाखों सरकारी पद खाली हैं, जबकि करोड़ों युवा रोजगार की कतार में खड़े हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के बढ़ते बाजारीकरण पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा को व्यापार का माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, विवादित नियुक्तियां रद्द की जाएं और जिन छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, उन्हें सरकार उचित मुआवजा दे।
डॉ. महंत ने कहा कि देशभर में कई स्थानों पर पेपर लीक की घटनाओं के कारण छात्रों में गहरा आक्रोश और निराशा है। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों ने कथित रूप से आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया, जो बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है तो वह देश के भविष्य की सुरक्षा का दावा कैसे कर सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के मुद्दे पर भी डॉ. महंत ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि मंत्री इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोका गया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में NEET और पेपर लीक के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी तथा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रदेशभर में अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष जारी रखेगी।
