रायपुर। छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बड़े और प्रभावशाली होटल संचालकों के प्रतिष्ठानों में भी नियमित एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि छोटे होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच करना आसान दिखाई देता है, लेकिन बड़े एवं रसूखदार होटल संचालकों तक जांच टीम क्यों नहीं पहुंचती, यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है।
इदरीस गांधी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के नियम किसी होटल के आकार, प्रतिष्ठा या संचालक के प्रभाव के आधार पर अलग-अलग नहीं हो सकते। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या बड़े और प्रभावशाली होटल भी विभाग की जांच के दायरे में हैं या नहीं।
उन्होंने रायपुर के बड़े और स्टार होटलों में बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण किए जाने की मांग की। गांधी ने कहा कि जांच के दौरान होटलों के किचन और स्टोर में रखी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट, मांस-मछली के रखरखाव, साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक मानकों की जांच की जानी चाहिए। आवश्यकता होने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनका प्रयोगशाला परीक्षण भी कराया जाए।
इदरीस गांधी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सभी प्रतिष्ठानों के लिए समान रूप से अनिवार्य है। उन्होंने रायपुर के बड़े होटलों के लिए विशेष जांच अभियान चलाने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच व्यवस्था में निष्पक्षता और पारदर्शिता का भरोसा तभी कायम होगा, जब छोटे-बड़े सभी होटल एवं खाद्य प्रतिष्ठान समान रूप से जांच के दायरे में आएं।
