रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में निम्न दबाव के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और वज्रपात की आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे क्षेत्रों में बने सुस्पष्ट निम्न दबाव के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। बलरामपुर जिले में कुछ स्थानों पर हुई भारी बारिश से अतिवृष्टि जैसी स्थिति बन गई है। वहीं सरगुजा संभाग के कई इलाकों में लगातार चौथे दिन बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
चांदो में 150 मिमी बारिश, कई इलाकों में जमकर बरसे बादल
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। चांदो में सर्वाधिक 150 मिमी बारिश हुई, जबकि रामचंद्रपुर में 120 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रामानुजगंज और वाड्रफनगर में 80-80 मिमी तथा बलरामपुर, कुसमी, समरी, रघुनाथ नगर और राजपुर में 70-70 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में खेतों और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
रायपुर में बादल छाए रहने के साथ बौछारों के आसार
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। राजधानी रायपुर में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।
राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान
बारिश और बादलों के बीच प्रदेश के तापमान में भी उतार-चढ़ाव जारी है। राजनांदगांव में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
चार दिन से बारिश, धान को राहत लेकिन सब्जी फसलों पर संकट
बंगाल की खाड़ी से झारखंड तक बने कम दबाव के प्रभाव से सरगुजा संभाग सहित उत्तरी छत्तीसगढ़ में पिछले चार दिनों से बारिश हो रही है। अंबिकापुर में 31 अगस्त तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि जशपुर और सरगुजा जिले अभी भी सामान्य औसत से करीब 32 से 38 प्रतिशत तक पीछे हैं।
लगातार हो रही बारिश से धान की फसलों को राहत मिली है। किसानों के लिए यह बारिश काफी उपयोगी साबित हो रही है, लेकिन खेतों में लगातार पानी जमा होने से सब्जी उत्पादकों की परेशानी बढ़ गई है। जलभराव के कारण सब्जी फसलों में कीट एवं रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार 2 सितंबर से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है।
शिवनाथ नदी में बढ़ा जलस्तर, महमरा एनिकट के 12 गेट खोले
दुर्ग जिले में भी लगातार बारिश का असर नदी-नालों पर दिखाई दे रहा है। जिले में अब तक 668.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। पिछले तीन दिनों की अच्छी बारिश के बाद शिवनाथ नदी उफान पर है। महमरा एनिकट के ऊपर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है।
जलस्तर बढ़ने को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने एनिकट के 12 गेट खोल दिए हैं, ताकि पानी का दबाव नियंत्रित किया जा सके। हालांकि सोमवार दोपहर बाद बारिश थमने के बाद मौसम में कुछ राहत मिली है। फिलहाल जिले में धूप-छांव का दौर जारी है।
