नई दिल्ली। नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण (री-इश्यू) कराने की योजना बना रहे लोगों के लिए अहम खबर है। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट शुल्क में संशोधन किया है। नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होंगी।
सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए सामान्य (नॉर्मल) और तत्काल (तत्काल) दोनों श्रेणियों की सेवाओं के शुल्क में वृद्धि की है। मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि वे वर्तमान शुल्क पर पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं तो 1 जुलाई 2026 से पहले आवेदन कर दें।
वयस्कों (18 वर्ष से अधिक) के लिए नई शुल्क दरें
- 36 पृष्ठ का नया या री-इश्यू पासपोर्ट: सामान्य – 2,500 रुपये, तत्काल – 5,000 रुपये
- 60 पृष्ठ का नया या री-इश्यू पासपोर्ट: सामान्य – 3,500 रुपये, तत्काल – 6,000 रुपये
- 36 पृष्ठ का खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट: सामान्य – 5,000 रुपये, तत्काल – 7,500 रुपये
- 60 पृष्ठ का खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट: सामान्य – 6,000 रुपये, तत्काल – 8,500 रुपये
18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए नई फीस
- 36 पृष्ठ का नया या री-इश्यू पासपोर्ट: सामान्य – 1,750 रुपये, तत्काल – 4,250 रुपये
- 36 पृष्ठ का खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट: सामान्य – 4,250 रुपये, तत्काल – 6,750 रुपये
अन्य सेवाओं की संशोधित फीस
- पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC): 750 रुपये
- सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी: 1,000 रुपये
- विदेश में जारी होने वाला इमरजेंसी सर्टिफिकेट: 15 अमेरिकी डॉलर
पहले से कितनी बढ़ी फीस?
अब तक 36 पृष्ठ का नया या री-इश्यू पासपोर्ट बनवाने के लिए 1,500 रुपये शुल्क देना पड़ता था, जिसे बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। वहीं 60 पृष्ठ वाले पासपोर्ट की फीस 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दी गई है। खोए या क्षतिग्रस्त 36 पृष्ठ वाले पासपोर्ट की फीस 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये और 60 पृष्ठ वाले की फीस 3,500 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई है।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर स्पष्ट किया था कि पासपोर्ट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी किया जाने वाला एक यात्रा दस्तावेज़ है। केवल पासपोर्ट होने मात्र से किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता स्वतः प्रमाणित नहीं होती।
