मुंगेली। जिले के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में एक बुजुर्ग खाताधारक ने बैंक प्रबंधन पर दुर्व्यवहार, धोखाधड़ी और खाते के साथ छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित बुजुर्ग परदेशी पुरी गोस्वामी ने मुंगेली थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परदेशी पुरी गोस्वामी ने बताया कि वे 17 जून 2026 को मुंगेली स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में अपना पैसा निकालने गए थे। बुजुर्ग होने के कारण वे लंबी लाइन में खड़े होने में असमर्थ थे, लेकिन बैंक प्रबंधन ने उनकी स्थिति को नजरअंदाज कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि बैंक में मौजूद दो व्यक्ति (परिचय अज्ञात/शाखा प्रबंधक व कैशियर काउंटर में नाम अनुपलब्ध) ने उन्हें लाइन में खड़े होने और अंग्रेजी में बात कर प्रताड़ित किया। बुजुर्ग ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खाते से संबंधित मोबाइल नंबर (7828657057), जो उनके आधार कार्ड से भी लिंक है, व खाता खोलते समय तथा खाते में जोड़ने हेतू दिया गया था उसे किसी अन्य व्यक्ति के खाते से जोड़ दिया गया है।
पीड़ित का कहना है कि जब वे अपना खाता बंद करवाने और अपनी जमा राशि वापस मांगने गए, तो उन्हें अंग्रेजी में लिखकर जवाब दिया गया, जिसे पढ़ने में वे असमर्थ थे। बार-बार बैंक जाने पर उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि उनका खाता ‘फ्रीज’ है और उन्हें बार-बार केवाईसी (KYC) कराने को कहा जाता है।

बुजुर्ग परदेशी पुरी गोस्वामी ने आशंका जताई है कि उनके मोबाइल नंबर का उपयोग बैंक द्वारा किसी अवैध (आतंकी) गतिविधि में किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने और बैंक प्रबंधन के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं, दूसरी ओर बैंक द्वारा इस संबंध में दी गई एक संक्षिप्त टिप्पणी में कहा गया है कि 17 जून 2026 को शाखा में तकनीकी खराबी (लिंक डाउन) थी, जिसके कारण खाता ‘डेबिट फ्रीज’ मोड में था, जिसे ग्राहक समझ नहीं पा रहे थे।
जबकि बैंकिंग कार्य प्रारंभ था व सुचारू ढंग से कार्य चल रहा था बैंक ने अपने बचाव में झुठमुठ लिख कर दे दिया। फिलहाल, इस मामले ने मुंगेली में बैंकिंग सेवाओं और बुजुर्गों के साथ बैंक कर्मचारियों के व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
ज्ञात हो कि पुर्व में भी सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के इस मुंगेली शाखा में शासकीय राशि की गबन फर्जी नौकरी का मामले बीते महीनों चर्चा में रहा, जिसमें एडिशनल कलेक्टर के खाताधारी वाले खाते से 26 लाख 87 हजार रुपए पार कर दिए थे।
