दुर्ग। शहर के पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विद्यालय के आठ छात्र कथित रूप से नशीली दवा के सेवन के बाद अचानक अचेत हो गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल सभी छात्रों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। इनमें छात्र नैतिक रामटेक की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है, जबकि अन्य छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रभावित छात्रों के साथ पढ़ने वाले एक छात्र ने उन्हें कथित रूप से दवा दी थी। दवा का सेवन करने के कुछ ही समय बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने परिजनों को जानकारी दी और सभी बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाया।
घटना से आक्रोशित परिजन कोतवाली थाना पहुंचे और संबंधित छात्र के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि छात्रों को कौन-सी दवा दी गई, वह दवा कहां से लाई गई और किन परिस्थितियों में बच्चों तक पहुंची।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस छात्र पर दवा देने का आरोप है, उसके परिवार में एक सदस्य मानसिक बीमारी से पीड़ित है। प्रारंभिक स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि संबंधित दवा संभवतः घर में उपचार के लिए रखी गई थी और छात्र उसे वहीं से लेकर आया होगा। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि दवा की जांच, चिकित्सकीय रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।
फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। वहीं, इस घटना के बाद विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्कूलों में बच्चों तक दवाइयों या अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की पहुंच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
