रायपुर l उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा, पीडब्ल्यूडी की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ लागू किया जाएगा। इस प्रणाली से डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्य की स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन और एकीकृत प्रणाली से संचालित होंगी। इससे वर्तमान में विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाले लंबे समय को कम किया जा सकेगा और निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
ढाई वर्षों में कार्यों की गति बढ़ी
उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि, पिछले ढाई वर्षों में विभाग में कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। बेहतर संचालन और प्रशासनिक कसावट के लिए सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण भी शामिल है। हम राज्य में “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को नई गति देने लगातार सक्रियता से काम कर रहे हैं।
चंदनीडीह से रायपुरा तक बायपास रोड
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर शहर के ट्रेफिक के दबाव को देखते हुए नई सड़कें बनाने का प्लान है। इनमें 100 करोड़ की लागत से मोवा से झेरीखेड़ी तक पांच किमी सड़क बनेंगी। लाभांडी से सड्डू तक 5 किमी लंबी सड़क को स्वीकृति दी गई है, इसकी लागत 100 करोड़ रुपए होगी। वहीं चंदनीडीह से लेकर रायपुरा तक वायपास बनाने का भी प्लान है। वहीं रावांभाटा बंजारी मंदिर के पास से प्लाई ओव्हर बनाने का प्लान तैयार है, साथ ही एनएच 30 पर कमल विहार गेट के पास फ्लाई ओव्हर बनाने को स्वीकृति मिली है।
सड़कों की 5 वर्षीय मरम्मत पायलट प्रोजेक्ट में दी सड़कें
ओपीआरएमसी के अंर्गत सड़कों के संधारण के लिये समस्त संभागों केप्रमुख मार्गों के लिए इस वित्तीय वर्ष में मरम्मत के लिए कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। इस मद अर्गत पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में सिमगा-तिल्दा-खोरा मार्ग, नयापारा-कुरूद मार्ग लंबाई 103 विमी में 5 वर्षीय मरम्मत कार्ययोजना के लिए अनुांधित कर कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में चालु रित्तीय वर्ष में महत्वपूर्ण सड़कों को ओपीआरएमर अंतर्गत 5 वर्ष मरम्मत के लिए कार्ययोजग है। विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बताया कि सड़क की गुणवत्ता जांच के लिए सेंट्रा रोड़ रिसर्च संस्थान के माध्यम से थर्ड पार्टी जांचकराने का प्लान तैयार किया गया है।
