रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर पाने में नाकाम साबित हो रहा है। बीते तीन वर्षों में प्रदेश के पर्यटन स्थलों में आने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या 50 फीसदी तक घट गई है। सैलानियों की संख्या में लगातार साल दर साल गिरावट आने से विभाग को होने वाली आय भी चौपट हो गई है।
कमजोर प्रचार और सुविधाओं की कमी बनी बड़ी वजह
विदेशी सैलानियों की संख्या में आई कमी को लेकर विभाग के अधिकारी व पदाधिकारी अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की यात्रा योजनाएं और बदली हुई परिस्थितियों का प्रभाव बता रहे हैं, जबकि विदेशी पर्यटकों का छत्तीसगढ़ पर्यटन स्थलों से मोह भंग होने का प्रमुख कारण वैश्विक स्तर पर कमजोर ब्रांडिंग, अब तक बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी का अभाव, सुरक्षा, प्रशिक्षित मानव संसाधन जैसे विदेशी भाषा जानने वाले गाइड, अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉस्पिटैलिटी सेवाएं और सुगम पर्यटक सहायता केंद्रों की कमी को माना जा रहा है।
विदेशी सैलानियों की घटती संख्या बनी चुनौती
बता दें कि, राज्य सरकार छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने का रोडमैप बना चुकी है। इतना ही नहीं, इसके लिए राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में 5 वर्षीय रोडमैप के साथ 100 करोड़ का वार्षिक प्रावधान भी किया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि वह राज्य सरकार के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में काम नहीं कर पा रही है। अगर इसी तरह से पर्यटन स्थलों से विदेशी पर्यटकों का आना कम होता रहेगा, तो ऐसे में गोवा, केरल या राजस्थान की तरह छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की वैश्विक स्तर पर पहचान का सपना कैसे पूरा होगा।
ऐसे समझें साल दर साल विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट
छत्तीसगढ़ पर्यटन स्थलों में 2018 से 2020 तक के प्राप्त विदेशी आंकड़ों और 2024 से 2026 सितंबर तक के आंकड़ों का तुलना करें तो जनवरी से लेकर दिसंबर 2018 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 14399 विदेशी पर्यटक, साल 2019 से लेकर 2021 तक 9145 पर्यटक, साल 2020 में 2322 पर्यटक, साल 2024 में 3485 पर्यटक, 2025 में 1514 और 2026 में सितंबर तक 1335 पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़े बताते हैं कि 2018 के बाद इन वर्षों में तेजी से विदेशी पर्यटकों के संख्या घटी है।
विश्व के 75 देशों से सिर्फ 822 पर्यटक पहुंचे
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा वर्ष 2025 में विश्व के 75 देशों से पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों के जारी आंकड़ों के मुताबिक महज 822 पर्यटक राज्य के विविध पर्यटन स्थलों के लिए पहुंचे। इनमें 24 देश ऐसे हैं, जहां से छत्तीसगढ़ पर्यटन के दीदार के लिए पहुंचने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या मात्र 1-1 रही। वहीं 7 देश से केवल 2-2 की संख्या में ही सैलानी आकर्षित कर पाए। अगर बात करें सबसे अधिक संख्या में पहुंचने वाले देश के पर्यटकों की, तो इसमें यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका से 107 सैलानी आए।
कुल पर्यटकों से तीन सालों में मात्र 20.89 करोड़ की कमाई
पर्यटन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 2024 से 2026 सितंबर तक लगभग तीन वर्षों में स्थानीय और विदेशी सभी पर्यटकों से विभाग को कुल 20.89 करोड़ रुपए राजस्व की आय हुई है। इसमें पर्यटन इकाइयों से प्राप्त राजस्व वर्ष 2024 में पर्यटन इकाइयों से 8.16 करोड़, वर्ष 2025 में 8.99 करोड़ तथा वर्ष 2026 में सितंबर तक 3.75 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इस प्रकार पर्यटकों से होने वाले आय में भी भारी कमी पर्यटकों की संख्या के घटने का असर पड़ा है।
पर्यटक आगमन के आंकड़ों में दिखाई देने में समय लगता है
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड अध्यक्ष नीलू शर्मा का कहना है कि, छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के उन्मूलन के बाद पर्यटन के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हुई हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की यात्रा योजनाएं काफी पहले बनती हैं, इसलिए बदली हुई परिस्थितियों का प्रभाव वास्तविक पर्यटक आगमन के आंकड़ों में दिखाई देने में समय लगता है।
