रायपुर। राजधानी के उरला स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में हुए विस्फोट में तीन मजदूरों की मौत और कई श्रमिकों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे को उद्योग प्रबंधन और राज्य सरकार की “आपराधिक लापरवाही” का परिणाम बताते हुए घटना की न्यायिक जांच, घायलों के बेहतर इलाज तथा मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये और घायलों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है और लगातार हो रहे औद्योगिक हादसों में मजदूरों की जान जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विस्फोट में बड़ी संख्या में श्रमिक झुलसे हैं तथा मृतकों की संख्या बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सरकार को राहत और बचाव कार्य के साथ पीड़ित परिवारों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में औद्योगिक दुर्घटनाओं में 300 से अधिक मजदूरों की मौत हो चुकी है। उन्होंने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट, रायपुर के गोदावरी प्लांट और बलौदाबाजार के स्वदेश मेटालिक प्लांट में हुए हादसों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है।
बैज ने कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किए जोखिम भरे कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगों में सुरक्षा ऑडिट, नियमित निरीक्षण और मानकों के पालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार से प्रदेश के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा कारखाना अधिनियम, 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। बैज ने कहा कि श्रम विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण श्रमिकों की सुरक्षा खतरे में है और यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इस तरह की घटनाएं आगे भी दोहराई जाती रहेंगी।
