Chhattisgarh News: रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में जहां बच्चों को ‘क’ से ‘ककहरा’ और ‘अ’ से ‘अनुशासन’ सिखाया जाता है, वहीं स्कूल के गेट से चंद कदम की दूरी पर ही मदिरालय (शराब की दुकानें) खुली हुई हैं। यह विरोधाभास छत्तीसगढ़ विधानसभा में तब और गहरा गया, जब लैलूंगा की कांग्रेस विधायक विद्यावती सिदार ने इसे मुद्दा बनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शिक्षा के केंद्रों का भविष्य शराब की बोतलों के साये में तय होगा?
Chhattisgarh News: विधानसभा में आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि प्रदेश के स्कूलों और राजमार्गों की 50 से 100 मीटर की परिधि में अभी भी 66 मदिरा दुकानें संचालित हैं। लैलूंगा शहरी क्षेत्र की शराब दुकान को लेकर विधायक सिदार ने बताया कि प्रशासन को बार-बार आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
राज्य में 705 शराब दुकानें
Chhattisgarh News: मंत्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि जून 2026 की स्थिति में राज्य में कुल दुकानों की संख्या 705 हो चुकी है। मंत्री ने अब इस मामले में पुनः परीक्षण का आश्वासन दिया है। मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि 31 दिसंबर, 2023 की स्थिति के दौरान राज्य में कुल 672 मदिरा दुकानें संचालित थीं। इसमें 172 देशी मदिरा दुकानें, 304 विदेशी मदिरा दुकानें, 167 कम्पोजिट देशी मदिरा दुकानें, 01 कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान और 28 प्रीमियम मदिरा दुकानें शामिल थीं। अभी जून, 2026 की स्थिति में राज्य में मदिरा दुकानों की संख्या 705 हो गई है। वर्तमान में 109 देशी, 155 विदेशी, 239 कम्पोजिट देशी, 154 कम्पोजिट विदेशी और 48 प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित हैं।
