रायपुर। बहुचर्चित सीजीपीएससी पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के खिलाफ 3700 पन्नों का चालान पेश किया है। इस चार्जशीट में 99 पन्नों में समरी है। ईडी ने आरोप लगाया है कि, सीजीपीएससी गड़बड़ी में टामन सिंह ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों के साथ मिलकर पेपर लीक करने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर की साजिश रची।
कैश-बैंक ट्रांजेक्शन से अवैध रकम जुटाने का दावा
ईडी की चार्जशीट में लगाए गए आरोप के अनुसार पेपर लीक-चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के दौरान अवैध रूप से ली गई रकम का लगभग आधा हिस्सा कैश में तथा आधा बैंक खातों के जरिए लिया गया। यह रकम अलग-अलग बैंक खातों के जरिए कई स्तरों पर ट्रांजेक्शन कर रोटेट किया गया है। ईडी इस रकम के स्रोत और मनी ट्रेल का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान सोनवानी से पूछताछ में अपराध से हुई आय का पता लगाने, पैसों के लेन-देन की कड़ी स्थापित करने और मामले में शामिल दूसरे लोगों की पहचान करने की कोशिश की गई।
चंद्राकर पहले हुआ गिरफ्तार
ईडी ने इससे पहले कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि पैसे लेकर रिश्तेदारों समेत पसंदीदा अभ्यर्थियों का वरिष्ठ सरकारी पदों पर चयन कराने की कोशिश की गई। इनमें डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे पद शामिल थे। उल्लेखनीय है कि ईडी ने पूर्व चैयरमैन सोनवानी को 25 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे जेल में है।
