रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के एक परिवार ने जिस युवक को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, 17 दिन बाद वह घर लौट आया। बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार खुश है। अब पुलिस पता लगा रही है कि 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास मिला शव आखिर किसका था। कसडोल विकासखंड के गिरौदपुरी चौकी क्षेत्र स्थित सुकली गांव का 28 वर्षीय मोतीलाल विश्वकर्मा लापता था। परिवार उसकी तलाश कर रहा था।
इसी दौरान पुलिस को नाले के पास सड़ी-गली अवस्था में एक अज्ञात शव मिला। पहचान मुश्किल थी, लेकिन मौके पर पहुंचे मोतीलाल के परिजन ने उसे मोतीलाल समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार ने मृत्यु के बाद की परंपरागत रस्में भी पूरी कर ली थीं। जानकारी के अनुसार, परिवार को बीमा राशि भी मिल चुकी है।
दस्तावेजों से हुई थी मोतीलाल की पहचान
वरदान परमार्थ सेवा समिति के सदस्य पप्पू साहू ने बताया कि 14 अगस्त को धमतरी जिले में सांबलपुर मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास वह मिला था। उसकी मानससिक स्थिति ठीक नहीं लग रही थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी जेब में मिले दस्तावेजों से उसकी पहचान मोतीलाल के रूप में हुई। पुलिस की सहायता से परिजन से संपर्क कर उसे एंबुलेंस से घर पहुंचाया गया।
पैदल ही आरंग और धमतरी पहुंचा था युवक
प्रधान के अनुसार, मोतीलाल के परिवार में माता-पिता और भाई हैं। उसकी शादी नहीं हुई है। वह पैदल घर से निकलकर पहले आरंग और फिर धमतरी पहुंचा था।
