रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब दुकानों पर अब नकद भुगतान की व्यवस्था समाप्त होने जा रही है। आबकारी विभाग ने प्रदेश की सभी प्रीमियम शराब दुकानों को कैशलेस करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद ग्राहकों को शराब खरीदने के लिए केवल डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा।
आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार, प्रीमियम शराब दुकानों पर ग्राहकों को QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग का मानना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से शराब बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और लेनदेन की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
डिजिटल लेनदेन का रहेगा रिकॉर्ड
कैशलेस व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों पर होने वाले प्रत्येक लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे शराब की बिक्री और भुगतान प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी। साथ ही, ग्राहक द्वारा किए गए भुगतान का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी होने पर संबंधित लेनदेन की जांच की जा सकेगी।
ओवररेटिंग पर लगेगा अंकुश
प्रीमियम शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने यानी ओवररेटिंग की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। नई डिजिटल भुगतान व्यवस्था से इन शिकायतों की जांच में विभाग को मदद मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन भुगतान के दौरान ग्राहक को भुगतान की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। ऐसे में शराब की निर्धारित कीमत और ग्राहक से वसूली गई राशि में अंतर होने पर डिजिटल ट्रांजेक्शन को जांच के दौरान रिकॉर्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
1 अक्टूबर से नकद भुगतान बंद
आबकारी विभाग के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 से प्रदेश की सभी प्रीमियम शराब दुकानों में नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर QR कोड के जरिए डिजिटल भुगतान अनिवार्य होगा। विभाग का उद्देश्य शराब बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ओवररेटिंग जैसी शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
