बलौदाबाजार। जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के क्षेत्र में बलौदाबाजार जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान-3.0’ में जिले ने देश के शीर्ष 10 जिलों में जगह बनाते हुए 8वां स्थान हासिल किया है। जिले में 2 लाख 46 हजार से अधिक वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण और व्यापक जनभागीदारी ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।
2.46 लाख से अधिक जल संचयन संरचनाओं का निर्माण
जिले में अब तक 2 लाख 46 हजार 488 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। इनके माध्यम से करीब 5,146.30 लाख लीटर जल संचयन क्षमता विकसित हुई है। अभियान में 10 लाख 78 हजार 911 लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी दर्ज की गई है। जल संरक्षण अभियान को जिले के 736 गांवों, 519 ग्राम पंचायतों और 9 नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक बारिश के पानी को सहेजने और भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम किया गया।
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से गांव-गांव पहुंचा संदेश
‘मोर गांव-मोर पानी अभियान 3.0’ के तहत जल संरक्षण को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री आवासों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, डबरी और चेकडैम निर्माण, खेत एवं सामुदायिक जल संरचनाओं, नाला उपचार और गैबियन संरचनाओं के साथ भू-जल रिचार्ज पर विशेष जोर दिया गया। अभियान का उद्देश्य बारिश की हर बूंद को स्थानीय स्तर पर सहेजना और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना रहा। इससे वर्षा जल के संरक्षण के साथ-साथ भू-जल पुनर्भरण की दिशा में भी प्रयास किए गए।
सरकारी अभियान से आगे बढ़कर बना जन आंदोलन
बलौदाबाजार में जल संरक्षण को केवल सरकारी निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया गया। ग्राम पंचायतों, महिला समूहों, युवाओं और ग्रामीणों को अभियान से जोड़ा गया। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जल चौपाल, रैलियां, रंगोली, दीप प्रज्वलन और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के जरिए जल संरक्षण को लेकर लोगों में जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
‘हर घर पानी घर में’ की अवधारणा पर जोर
जिला प्रशासन ने “हर घर पानी घर में, मोहल्ले का पानी मोहल्ले में, खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में” की अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया। स्थानीय जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार वर्षा जल संचयन और जल संरचनाओं को बढ़ावा दिया गया। जिले में बड़ी संख्या में बनी जल संचयन संरचनाएं और लोगों की व्यापक भागीदारी इसी प्रयास का परिणाम मानी जा रही है। यही जनभागीदारी अब बलौदाबाजार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है।
नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने साझा किए छत्तीसगढ़ के प्रयास
नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की जानकारी साझा की। बलौदाबाजार की उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब जल संरक्षण को लेकर स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने और वर्षा जल को संरक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिले का यह मॉडल जल संरक्षण को सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण बनकर सामने आया है।
राष्ट्रीय स्तर पर बनी बलौदाबाजार की पहचान
‘जल संचय जन भागीदारी अभियान-3.0’ में देश के शीर्ष 10 जिलों में 8वां स्थान हासिल करना बलौदाबाजार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2.46 लाख से अधिक जल संचयन संरचनाओं, हजारों गांवों-नगरीय क्षेत्रों की भागीदारी और 10 लाख से अधिक लोगों की सहभागिता ने जिले के जल संरक्षण अभियान को नई पहचान दी है।
