रायपुर। छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे स्वयंसेवी नगर सैनिकों को दीपावली से पहले बड़ी सौगात मिली है। राज्य सरकार ने नगर सैनिकों के मानदेय में एक बार फिर से भारी बढ़ोतरी की है। नए प्रस्ताव के अनुसार अब सैनिकों को 30870 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
इससे पूर्व सैनिकों को प्रतिमाह 19500 मानदेय मिलता था। इस तरह सैनिक को प्रति दिन 1029 रुपए की दर से मानदेय मिलेगा। गृह विभाग के नए प्रस्ताव के अनुसार मूल मानदेय 19500 रुपए प्रतिमाह था। इसके अलावा महंगाई भत्ता (58 प्रतिशत) 11310 रुपए, तथा वर्दी धुलाई भत्ता 60 रुपए है। इस प्रकार कुल प्रस्तावित मानदेय 30870 रूपए प्रतिमाह मिलेगा।
इस तरह बढ़ा मानदेय
नगर सैनिकों के मानदेय में समय-समय पर संशोधन किया जाता रहा है। वर्ष 2017 में गृह विभाग के आदेश से मानदेय में 3200 रुपए की वृद्धि कर इसे 10000 रुपए से बढ़ाकर 13200 रुपए प्रतिमाह किया गया था। इसके बाद 30 मई 2023 के बाद 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में 6300 रूपए की और वृद्धि की गई, जिससे मानदेय बढ़कर 19500 रुपए प्रतिमाह हुआ। इसके बाद से मानदेय में वृद्धि नहीं की गई थी। अब चालू वर्ष में मानदेय में वृद्धि की गई है।
आवश्यक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखकर की गई अनुशंसा
शासन ने न्यायालय के निर्देशों तथा लगातार बढ़ती महंगाई एवं नगर सैनिकों द्वारा ड्यूटियों के दौरान कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं में दिए जा रहे उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखते हुए मानदेय बढ़ाने की यह अनुशंसा की है। शासन के इस कदम से न केवल नगर सैनिकों को आर्थिक संबल (मजबूती) मिलेगी, बल्कि उनका मनोबल और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता भी और अधिक मजबूत होगी। स्वयंसेवी नगर सैनिकों ने मानदेय में हुई इस बढ़ोत्तरी के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर की है।
