पश्चिमी एशिया संकट के बीच पीएम मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने की दो बार अपील की है। इस अपील का अब व्यापक असर देखने को मिलने लगा है। बीजेपी शासित राज्य सरकारों ने अपने सरकारी गाड़ियों के काफिले में भरी कटौती की है। कोई नेता इलेक्ट्रिक रिक्शा से आ रहा है तो कोई साइकिल से। इसी बीच अब सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कामकाज को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है। इसमें अदालत की सुनवाई और कर्मचारियों के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव किए गए हैं। यह फैसला केंद्र सरकार के एक आदेश के बाद लिया गया है और इसे तुरंत लागू कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के सर्कुलर के मुताबिक अब सोमवार, शुक्रवार और दूसरे ऐसे दिन, जिन्हें “मिसलेनियस डे” कहा जाता है, उन दिनों मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इसके अलावा कोर्ट के आंशिक कार्य दिवसों में भी सुनवाई ऑनलाइन ही की जाएगी। कोर्ट प्रशासन को कहा गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिंक समय पर भेजे जाएं और तकनीकी व्यवस्था मजबूत रखी जाए ताकि किसी को परेशानी न हो।
जजों के लिए कार पूलिंग व्यवस्था
ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजों ने भी कार पूलिंग को बढ़ावा देने का फैसला किया है। आवश्यकता के अनुसार जज अब एक ही वाहन में साथ यात्रा करेंगे। इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा
इसके साथ ही सर्कुलर में कोर्ट कर्मचारियों को लेकर भी अहम बदलाव किए गए हैं। आदेश के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की प्रत्येक शाखा और सेक्शन में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, शेष कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य रहेगी ताकि न्यायिक कार्य प्रभावित न हो।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्क फ्रॉम होम की सुविधा पाने वाले कर्मचारियों को हर समय फोन पर उपलब्ध रहना होगा और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्यालय पहुंचना पड़ेगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी कार्य समय पर पूरे हों।
यदि किसी शाखा में कार्यभार अधिक हो या वहां घर से काम करना व्यावहारिक न माना जाए, तो संबंधित रजिस्ट्रार को वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था में बदलाव या उसे सीमित करने का अधिकार दिया गया है। यह सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल Bharat Parashar की ओर से जारी किया गया है।
