नई दिल्ली। देशभर में शुक्रवार सुबह आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब दो साल बाद भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 3.14 रूपए प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रूपए प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। नए दाम 15 मई 2026 से लागू हो गए हैं।
नई कीमतों के लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रूपए प्रति लीटर और डीजल 90.67 रूपए प्रति लीटर हो गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के अन्य महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव इसका मुख्य कारण है। ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में बाधा के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे भारतीय तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया था।
महानगरों में पेट्रोल के नए दाम
| शहर | पुराने दाम (रुपए/लीटर) | नए दाम (रुपए/लीटर) | कुल बढ़ोतरी (रुपए) |
| दिल्ली | 94.77 | 97.77 | 3.00 |
| मुंबई | 103.50 | 106.68 | 3.14 |
| कोलकाता | 105.45 | 108.74 | 3.29 |
| चेन्नई | 100.80 | 103.67 | 2.87 |
महानगरों में डीजल के नए दाम
| शहर | पुराने दाम (रुपए/लीटर) | नए दाम (रुपए/लीटर) | कुल बढ़ोतरी (रुपए) |
| दिल्ली | 87.67 | 90.67 | 3.00 |
| मुंबई | 90.03 | 93.14 | 3.11 |
| कोलकाता | 92.02 | 95.13 | 3.11 |
| चेन्नई | 92.39 | 95.25 | 2.86 |
चुनाव के बाद बढ़े दाम
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने की संभावना बनी हुई थी, लेकिन पांच राज्यों के चुनाव के कारण फैसला टाल दिया गया था। चुनाव खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद तेल कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी कर दी।
इससे पहले मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर आम जनता को राहत दी थी। तब से लेकर अब तक कीमतें स्थिर बनी हुई थीं।
प्रधानमंत्री ने की थी ईंधन बचाने की अपील
हाल ही में नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। इसके बाद से ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलें तेज हो गई थीं।
महंगाई बढ़ने की आशंका
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। परिवहन लागत बढ़ने से खाने-पीने की वस्तुओं, सब्जियों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों में भी इजाफा होने की संभावना है। आने वाले दिनों में इसका असर देश की महंगाई दर पर भी देखने को मिल सकता है।
