सुकमा। जिले के दुब्बाटोटा स्थित प्री-मैट्रिक बालक आश्रम में रविवार को विद्यार्थियों के लिए निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार चिकन बनाया जाना था, लेकिन रविवार के दिन चिकन नहीं बनाए जाने से आश्रम में रहने वाले विद्यार्थियों में निराशा देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार, आश्रम में हर सप्ताह के तय मेन्यू के अनुसार रविवार को विद्यार्थियों को विशेष भोजन के रूप में चिकन दिया जाता है। इसी उम्मीद के साथ छात्र पूरे सप्ताह रविवार का इंतजार करते हैं, लेकिन इस बार निर्धारित दिन पर चिकन नहीं बनाया गया। रसोई में सामान्य भोजन ही तैयार किया गया, जिससे कई छात्रों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की।

विद्यार्थियों का कहना है कि आश्रम में रहने वाले अधिकतर छात्र दूर-दराज के गांवों से आते हैं और आश्रम में मिलने वाला भोजन ही उनके लिए मुख्य व्यवस्था होती है। ऐसे में जब मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलता तो उन्हें निराशा होती है।

इस संबंध में जब आश्रम अधीक्षक से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वे रविवार को किसी आवश्यक कार्य से बाहर गए हुए थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण चिकन की व्यवस्था नहीं हो पाई। अधीक्षक ने कहा कि रविवार को चिकन नहीं बन पाने की स्थिति में अब सोमवार को विद्यार्थियों के लिए चिकन बनवाया जाएगा ताकि बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन मिल सके।

वहीं इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से पक्ष जानने के लिए मंडल संयोजक को भी कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई हो, इससे पहले भी कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आश्रम जैसे संस्थानों में बच्चों के भोजन की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
