सुकमा। जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक के बालाटिकरा स्थित बालिका आवासीय पोटाकेबिन विद्यालय में मध्याह्न भोजन बनाते समय बड़ा हादसा हो गया। खौलती खिचड़ी से भरा बर्तन गिरने से दो छात्राओं सहित चार लोग झुलस गए। घटना को दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं की गई है।
बच्चों के लिए बन रहा था भोजन
जानकारी के अनुसार 7 फरवरी को बच्चों के लिए रसोई में खिचड़ी बनाई जा रही थी। इसी दौरान खिचड़ी से भरे बड़े बर्तन का हैंडल अचानक टूट गया। बर्तन गिरते ही उबलती खिचड़ी पास खड़े लोगों के पैरों पर जा गिरी। इससे रसोई में अफरा-तफरी मच गई।
ये लोग हुए घायल
हादसे में 13 वर्षीय जिया और 12 वर्षीय अमृता नाम की दो छात्राएं झुलस गईं। इनके अलावा महिला कर्मचारी मनीषा (25 वर्ष) और सोना बाई (35 वर्ष) भी घायल हुई हैं। सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर एक छात्रा को डिमरापाल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था जिसे इलाज के बाद अब अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। बाकी घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
रसोइयों की हड़ताल का असर?
सूत्रों के मुताबिक घटना के समय रसोइये हड़ताल पर थे। ऐसे में अन्य कर्मचारियों की मदद से भोजन बनाया जा रहा था। आरोप है कि छात्राओं को भी रसोई में काम करने के लिए लगाया गया था। हालांकि अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है।
जांच हुई, पर कार्रवाई नहीं
मामले की जांच एसडीएम कार्यालय छिंदगढ़ द्वारा की गई है। विभागीय अधिकारियों को नोटिस देने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक किसी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस घटना के बाद स्कूल और छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
जिला कांग्रेस के सचिव दुर्गेश राय ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और निगरानी की कमी का परिणाम बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मासूम बच्चियों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
